घर से निकलने की दुआ: अरबी, हिंदी उच्चारण, अर्थ और सही हदीस Reference | Rahmat Ki Dua

घर से निकलने की दुआ – अरबी दुआ, हिंदी उच्चारण और अर्थ | Rahmat Ki Dua

 इस्लाम में घर से बाहर निकलते समय अल्लाह को याद करना और उसी पर भरोसा करना सिखाया गया है। नबी ﷺ ने घर से निकलते समय एक छोटी और महत्वपूर्ण दुआ सिखाई है।

इस दुआ में अल्लाह के नाम से शुरुआत करने, उसी पर भरोसा करने और यह स्वीकार करने का भाव है कि ताकत और सामर्थ्य केवल अल्लाह की मदद से है।


अरबी दुआ

بِسْمِ اللَّهِ، تَوَكَّلْتُ عَلَى اللَّهِ، لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ


हिंदी उच्चारण

बिस्मिल्लाहि, तवक्कल्तु अलल्लाहि, ला ह़ौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह।


हिंदी अर्थ

अल्लाह के नाम से, मैंने अल्लाह पर भरोसा किया। अल्लाह के सिवा न कोई ताकत है और न कोई शक्ति।

इस दुआ में इंसान अपने काम के लिए अल्लाह पर भरोसा और उसकी मदद की आवश्यकता को स्वीकार करता है।


दुआ कब पढ़ें?

यह दुआ घर से बाहर निकलते समय पढ़ी जाती है।

आप इसे घर के दरवाज़े से निकलते समय पढ़ सकते हैं। दुआ पढ़ते समय इसके अर्थ को समझते हुए अल्लाह पर भरोसा रखना अच्छी बात है।


कुरआन/हदीस Reference

यह दुआ हज़रत अनस बिन मालिक رضي الله عنه से वर्णित है।

नबी ﷺ ने बताया कि जब कोई व्यक्ति घर से निकलते समय यह दुआ पढ़ता है, तो उसके लिए कहा जाता है कि उसे मार्गदर्शन दिया गया, उसके लिए पर्याप्त किया गया और उसकी रक्षा की गई; और शैतान उससे दूर हो जाता है।

Reference:

Sunan Abi Dawud, Hadith 5095 — इसे अल्बानी ने Sahih कहा है।

इसी दुआ की रिवायत Jami` at-Tirmidhi 3426 में भी मिलती है, जहाँ इमाम तिर्मिज़ी ने इसे हसन सहीह कहा है।

नोट: यह दुआ कुरआन की आयत नहीं, बल्कि नबी ﷺ से वर्णित मस्नून दुआ है।


FAQ

घर से निकलने की दुआ क्या है?

घर से निकलते समय पढ़ी जाने वाली दुआ है:

بِسْمِ اللَّهِ، تَوَكَّلْتُ عَلَى اللَّهِ، لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ

इस दुआ का हिंदी अर्थ क्या है?

इसका अर्थ है: “अल्लाह के नाम से, मैंने अल्लाह पर भरोसा किया। अल्लाह के सिवा न कोई ताकत है और न कोई शक्ति।

घर से निकलने की दुआ किस हदीस में है?

यह दुआ Sunan Abi Dawud 5095 में हज़रत अनस رضي الله عنه से वर्णित है।

क्या यह कुरआन की आयत है?

नहीं। यह नबी ﷺ से वर्णित मस्नून दुआ है।

यह दुआ पढ़ने की क्या फज़ीलत है?

हदीस में बताया गया है कि इसे पढ़ने वाले के लिए हिदायत, पर्याप्तता और सुरक्षा की बात कही जाती है और शैतान उससे दूर हो जाता है।


निष्कर्ष

घर से निकलते समय यह छोटी सी मस्नून दुआ पढ़ना अल्लाह पर भरोसे और उसकी मदद मांगने का सुंदर तरीका है।

इसे याद करें, इसके अर्थ को समझें और घर से बाहर निकलते समय पढ़ने की आदत बनाएं।

अल्लाह हमें अपनी हिफाज़त में रखे और हर कदम पर सही रास्ता दिखाए। आमीन।


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