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सुबह के अज़कार (Morning Azkar) हिंदी में अरबी उच्चारण अर्थ फ़ज़ीलत और पढ़ने का सही तरीका

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हर सुबह पढ़े जाने वाले मस्नून अज़कार और दुआएँ। सुबह के अज़कार (Morning Azkar) वे दुआएँ और ज़िक्र हैं जिन्हें रसूल ﷺ सुबह फ़ज्र के बाद से सूरज निकलने तक पढ़ते थे। इन अज़कार को पढ़ने से अल्लाह की रहमत, बरकत, सुरक्षा और दिल को सुकून मिलता है। हर मुसलमान के लिए इन्हें अपनी दैनिक ज़िंदगी का हिस्सा बनाना बेहद फ़ायदेमंद है। Quick Information 📖 विषय: सुबह के अज़कार 📘 स्रोत: क़ुरआन और सहीह हदीस 🕌 समय: फ़ज्र के बाद से सूर्योदय तक 📄 प्रकार: दुआ और ज़िक्र ⭐ मुख्य विषय: अल्लाह की याद, सुरक्षा, बरकत और रहमत अरबी टेक्स्ट أَصْبَحْنَا وَأَصْبَحَ الْمُلْكُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ हिंदी उच्चारण असबहना व असबहल मुल्कु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन। हिंदी अर्थ हमने सुबह की और सारी बादशाहत अल्लाह के लिए है, जो सारे जहानों का पालनहार है। संक्षिप्त तफ़्सीर इस दुआ में बंदा अल्लाह की बादशाहत और उसकी महानता को स्वीकार करता है। हर नई सुबह अल्लाह की नेमत है, इसलिए मुसलमान दिन की शुरुआत उसी की हम्द और शुक्र के साथ करता है। हदीस / कुरआन संदर्भ सहीह मुस्लिम सुनन अबू दाऊद जामिअ तिर्मिज़ी हिस्नुल मुस्लिम (Hisnul Muslim)...