घर से निकलने की दुआ अरबी, हिंदी, अर्थ, हदीस, फ़ज़ीलत और पढ़ने का सही तरीका
घर से निकलने से पहले यह दुआ ज़रूर पढ़ें अल्लाह की हिफाज़त में रहेंगे इंशाअल्लाह 🤲 जब कोई मुसलमान अपने घर से बाहर निकलता है, तो उसे अल्लाह पर भरोसा (तवक्कुल) करते हुए घर से निकलने की दुआ पढ़नी चाहिए। यह दुआ इंसान को शैतान के बहकावे से बचाती है और अल्लाह की हिफाज़त व मदद का ज़रिया बनती है। नबी ﷺ स्वयं इस दुआ को पढ़ते थे और अपनी उम्मत को भी इसकी तालीम दी। अतिरिक्त पैराग्राफ आज के दौर में जब इंसान रोज़ काम, पढ़ाई, सफर या किसी ज़रूरत से घर से निकलता है, तो हर कदम पर अल्लाह की रहमत और हिफाज़त की ज़रूरत होती है। केवल कुछ सेकंड की यह दुआ पूरे दिन के लिए बरकत, सुरक्षा और तवक्कुल का एहसास दिलाती है। 🕌 अरबी بِسْمِ اللَّهِ، تَوَكَّلْتُ عَلَى اللَّهِ، لَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ 🇮🇳 हिंदी उच्चारण बिस्मिल्लाहि, तवक्कल्तु अलल्लाह, ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह। 🌸 हिंदी अर्थ अल्लाह के नाम से (निकलता हूँ)। मैंने अल्लाह पर भरोसा किया। अल्लाह की मदद के बिना न किसी बुराई से बचने की ताकत है और न किसी भलाई की शक्ति। 📚 हदीस का संदर्भ हज़रत अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अ...