छींकने की दुआ: अरबी, हिंदी उच्चारण और अर्थ | Rahmat Ki Dua

छींकने की दुआ अरबी हिंदी उच्चारण और अर्थ – Rahmat Ki Dua

 इस्लाम में छींक आने पर अल्लाह की हम्द करना और दूसरे मुसलमान के लिए दुआ करना एक सुंदर इस्लामी आदाब है।

हदीस में बताया गया है कि जब कोई मुसलमान छींकने के बाद अल्हम्दुलिल्लाह कहे, तो उसे सुनने वाला मुसलमान उसके लिए यरहमुकल्लाह कहे। इसके बाद छींकने वाला व्यक्ति उसके लिए यहदीकुमुल्लाह व युस्लिहु बालकुम कहे।


अरबी दुआ

छींकने वाला व्यक्ति कहे:

الْحَمْدُ لِلَّهِ

सुनने वाला व्यक्ति कहे:

يَرْحَمُكَ اللَّهُ

इसके जवाब में छींकने वाला कहे:

يَهْدِيكُمُ اللَّهُ وَيُصْلِحُ بَالَكُمْ


हिंदी उच्चारण

छींकने वाला:

अल्हम्दुलिल्लाह

सुनने वाला:

यरहमुकल्लाह

जवाब:

यहदीकुमुल्लाह व युस्लिहु बालकुम


हिंदी अर्थ

अल्हम्दुलिल्लाह

अर्थ: सभी तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं।

यरहमुकल्लाह

अर्थ: अल्लाह आप पर रहम करे।

यहदीकुमुल्लाह व युस्लिहु बालकुम

अर्थ: अल्लाह आपको हिदायत दे और आपके हालात को सुधार दे।


दुआ कब पढ़ें

जब किसी व्यक्ति को छींक आए और वह अल्हम्दुलिल्लाह कहे, तो पास मौजूद मुसलमान उसके लिए यरहमुकल्लाह कह सकता है।

इसके बाद छींकने वाला व्यक्ति यहदीकुमुल्लाह व युस्लिहु बालकुम कहता है। यह तरीका नबी ﷺ की हदीस में वर्णित है।

यदि छींकने वाला व्यक्ति अल्लाह की हम्द नहीं करता, तो हदीस में उसके लिए तशमीत यानी यरहमुकल्लाह कहने का उल्लेख नहीं मिलता।


हदीस Reference

सहीह अल-बुखारी — हदीस 6224

हज़रत अबू हुरैरा رضي الله عنه से रिवायत है कि नबी ﷺ ने छींकने के बाद अल्लाह की हम्द करने, सुनने वाले के यरहमुकल्लाह कहने और उसके जवाब में यहदीकुमुल्लाह व युस्लिहु बालकुम कहने की शिक्षा दी।

सहीह मुस्लिम — हदीस 2992 में भी छींकने के बाद अल्लाह की हम्द करने और उसके जवाब में अल्लाह की रहमत की दुआ करने का उल्लेख है।


नोट: यह छींकने से संबंधित हदीस है; इसे कुरआन की आयत के रूप में प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।


FAQ

छींकने पर कौन-सी दुआ पढ़नी चाहिए?

छींकने वाला व्यक्ति अल्हम्दुलिल्लाह कहे।

छींक सुनने पर क्या कहना चाहिए?

अगर छींकने वाले ने अल्हम्दुलिल्लाह कहा है, तो सुनने वाला यरहमुकल्लाह कहे।

यरहमुकल्लाह के जवाब में क्या कहना चाहिए?

छींकने वाला व्यक्ति यहदीकुमुल्लाह व युस्लिहु बालकुम कहे।

क्या छींकने की दुआ कुरआन में है?

छींकने के इन आदाब का उल्लेख कुरआन की किसी विशेष आयत में नहीं, बल्कि नबी ﷺ की हदीस में मिलता है।

क्या छींकने के बाद अल्हम्दुलिल्लाह कहना हदीस से साबित है?

जी हाँ। सहीह अल-बुखारी में हज़रत अबू हुरैरा رضي الله عنه की रिवायत में इसका स्पष्ट उल्लेख है।


निष्कर्ष

छींकने के बाद अल्हम्दुलिल्लाह कहना और एक-दूसरे के लिए रहमत व हिदायत की दुआ करना इस्लामी आदाब का हिस्सा है।

इन छोटी-सी दुआओं के माध्यम से मुसलमान अल्लाह की हम्द करता है और अपने भाई के लिए भलाई की दुआ करता है।

अल्लाह हमें नबी ﷺ की सुन्नत और अच्छे इस्लामी आदाब पर अमल करने की तौफीक़ दे। आमीन।







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