छींकने की दुआ हिंदी में | Arabic, Meaning, Hadith, Fazilat और पूरी जानकारी

 
छींकने की दुआ अरबी, हिंदी उच्चारण और अर्थ के साथ

इस्लाम हमें जीवन के हर छोटे-बड़े काम की दुआ सिखाता है। छींक आने पर भी अल्लाह का शुक्र अदा करना और सामने वाले के लिए दुआ करना सुन्नत है। इस लेख में आप छींकने की दुआ, उसका अरबी टेक्स्ट, हिंदी उच्चारण, हिंदी अर्थ, हदीस, फ़ज़ीलत और पढ़ने का सही तरीका जानेंगे।

Arabic Text

छींकने वाले की दुआ
الْحَمْدُ لِلَّهِ
सुनने वाले की दुआ
يَرْحَمُكَ اللَّهُ
छींकने वाले का जवाब
يَهْدِيكُمُ اللَّهُ وَيُصْلِحُ بَالَكُمْ

हिंदी उच्चारण

छींकने वाला: अल्हम्दु लिल्लाह
सुनने वाला: यरहमुकल्लाह
जवाब: यह्दीकुमुल्लाहु व युस्लिहु बालकुम

हिंदी अर्थ

अल्हम्दु लिल्लाह
"सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है।"
यरहमुकल्लाह
"अल्लाह आप पर रहमत फ़रमाए।"
यह्दीकुमुल्लाहु व युस्लिहु बालकुम
"अल्लाह आपको हिदायत दे और आपके हालात दुरुस्त कर दे।"

हदीस संदर्भ

हज़रत अबू हुरैरा (रज़ि.) से रिवायत है कि नबी ﷺ ने फ़रमाया:
"जब तुममें से किसी को छींक आए और वह 'अल्हम्दु लिल्लाह' कहे, तो उसका भाई 'यरहमुकल्लाह' कहे। फिर छींकने वाला जवाब में कहे: 'यह्दीकुमुल्लाहु व युस्लिहु बालकुम।'"
संदर्भ: सहीह अल-बुख़ारी (हदीस 6224)

फ़ज़ीलत

छींक आने पर अल्लाह का शुक्र अदा करना सुन्नत है।
दूसरे मुसलमान के लिए रहमत की दुआ करना भाईचारे की निशानी है।
यह इस्लामी शिष्टाचार (अदब) का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इससे आपसी मोहब्बत और दुआओं का सिलसिला बढ़ता है।

कब और कैसे पढ़ें

छींक आने के तुरंत बाद "अल्हम्दु लिल्लाह" कहें।
यदि सामने वाला सुन ले, तो वह "यरहमुकल्लाह" कहे।
इसके जवाब में छींकने वाला "यह्दीकुमुल्लाहु व युस्लिहु बालकुम" पढ़े।
यदि किसी ने अल्हम्दु लिल्लाह न कहा हो, तो उसके लिए "यरहमुकल्लाह" कहना सुन्नत नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. छींक आने पर सबसे पहले क्या पढ़ें?
अल्हम्दु लिल्लाह।
2. सामने वाला क्या कहे?
यरहमुकल्लाह।
3. उसका जवाब क्या होगा?
यह्दीकुमुल्लाहु व युस्लिहु बालकुम।
4. क्या यह सुन्नत है?
जी हाँ, यह नबी ﷺ की सुन्नत है।
5. अगर बार-बार छींक आए तो?
हर बार अल्हम्दु लिल्लाह कहना सुन्नत है।

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निष्कर्ष

छींक आने पर अल्हम्दु लिल्लाह कहना और सुनने वाले का यरहमुकल्लाह कहना नबी ﷺ की खूबसूरत सुन्नत है। हर मुसलमान को इस सुन्नत पर अमल करना चाहिए और अपने बच्चों को भी इसे सिखाना चाहिए।

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