संदेश

Arabic Dua लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

छींकने की दुआ हिंदी में | Arabic, Meaning, Hadith, Fazilat और पूरी जानकारी

चित्र
  इस्लाम हमें जीवन के हर छोटे-बड़े काम की दुआ सिखाता है। छींक आने पर भी अल्लाह का शुक्र अदा करना और सामने वाले के लिए दुआ करना सुन्नत है। इस लेख में आप छींकने की दुआ, उसका अरबी टेक्स्ट, हिंदी उच्चारण, हिंदी अर्थ, हदीस, फ़ज़ीलत और पढ़ने का सही तरीका जानेंगे। Arabic Text छींकने वाले की दुआ الْحَمْدُ لِلَّهِ सुनने वाले की दुआ يَرْحَمُكَ اللَّهُ छींकने वाले का जवाब يَهْدِيكُمُ اللَّهُ وَيُصْلِحُ بَالَكُمْ हिंदी उच्चारण छींकने वाला: अल्हम्दु लिल्लाह सुनने वाला: यरहमुकल्लाह जवाब: यह्दीकुमुल्लाहु व युस्लिहु बालकुम हिंदी अर्थ अल्हम्दु लिल्लाह "सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है।" यरहमुकल्लाह "अल्लाह आप पर रहमत फ़रमाए।" यह्दीकुमुल्लाहु व युस्लिहु बालकुम "अल्लाह आपको हिदायत दे और आपके हालात दुरुस्त कर दे।" हदीस संदर्भ हज़रत अबू हुरैरा (रज़ि.) से रिवायत है कि नबी ﷺ ने फ़रमाया: "जब तुममें से किसी को छींक आए और वह 'अल्हम्दु लिल्लाह' कहे, तो उसका भाई 'यरहमुकल्लाह' कहे। फिर छींकने वाला जवाब में कहे: 'यह्दीकुमुल्लाहु व युस्लिहु बालकुम।'" संदर्...

मस्जिद से निकलने की दुआ | अरबी, हिंदी उच्चारण, अर्थ, हदीस और फ़ज़ीलत

चित्र
मस्जिद से निकलने की दुआ बाहर निकलते समय यह दुआ ज़रूर पढ़ें Arabic + Hindi + Meaning मस्जिद अल्लाह का सबसे प्रिय घर है। जब कोई मुसलमान मस्जिद से बाहर निकलता है, तो उसे भी एक सुंदर दुआ पढ़ने की सुन्नत सिखाई गई है। इस दुआ में अल्लाह से उसके फ़ज़्ल (कृपा) की दुआ की जाती है। अतिरिक्त पैराग्राफ मस्जिद में प्रवेश और बाहर निकलने की दुआएँ हमारे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन दुआओं को पढ़ने से हम हर काम की शुरुआत और समाप्ति अल्लाह की याद के साथ करते हैं, जो ईमान को मज़बूत बनाता है। अरबी اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ مِنْ فَضْلِكَ हिंदी उच्चारण अल्लाहुम्मा इन्नी असअलुका मिन फ़ज़्लिक हिंदी अर्थ ऐ अल्लाह! मैं तुझसे तेरे फ़ज़्ल (कृपा और नेमत) का सवाल करता हूँ। हदीस का संदर्भ यह दुआ सहीह मुस्लिम (हदीस: 713) में वर्णित है। रसूलुल्लाह ﷺ मस्जिद से निकलते समय यह दुआ पढ़ते थे। फ़ज़ीलत सुन्नत पर अमल होता है। अल्लाह के फ़ज़्ल और बरकत की दुआ मिलती है। मस्जिद से निकलते समय अल्लाह की याद बनी रहती है। रोज़मर्रा के कामों में बरकत की उम्मीद रहती है। कैसे पढ़ें / कब पढ़ें मस्जिद के दरवाज़े से बाहर ...

वुज़ू से पहले और बाद की दुआ | अरबी, हिंदी उच्चारण, अर्थ, हदीस और फ़ज़ीलत

चित्र
💧 वुज़ू से पहले और बाद की दुआ 🤲 हर वुज़ू को मुकम्मल बनाएं! ✨ सुन्नत पर अमल करें, सवाब पाएं खाना खत्म करने की दुआ ✅ परिचय वुज़ू नमाज़ और कई इबादतों की तैयारी का अहम हिस्सा है। इस्लाम में वुज़ू से पहले "बिस्मिल्लाह" कहना और वुज़ू पूरा होने के बाद मस्नून दुआ पढ़ना सुन्नत है। इससे गुनाह माफ़ होते हैं, दर्जे बुलंद होते हैं और जन्नत के दरवाज़े खुलने की खुशखबरी मिलती है। ✅ अतिरिक्त पैराग्राफ जो मुसलमान हर बार वुज़ू के साथ दुआ पढ़ता है, वह अल्लाह की रहमत और बरकत का हक़दार बनता है। यह छोटी-सी सुन्नत इंसान को अल्लाह के करीब करती है और उसकी इबादत को और भी बेहतर बनाती है। ✅ अरबी वुज़ू से पहले ‎‫بِسْمِ اللَّهِ‬‎ वुज़ू के बाद ‎‫أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلٰهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ، اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِنَ التَّوَّابِينَ وَاجْعَلْنِي مِنَ الْمُتَطَهِّرِينَ ‬‎ ✅ हिंदी उच्चारण वुज़ू से पहले बिस्मिल्लाह वुज़ू के बाद अश्हदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरीक लहू, व अश्हदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुहू। अल्लाहुम्मजअल्नी मिन...

खाना खत्म करने की दुआ | खाना खाने के बाद की दुआ अरबी, हिंदी अर्थ, हदीस और फ़ज़ीलत

चित्र
खाना खत्म करने की दुआ अल्हम्दुलिल्लाह कहना न भूलें!  हर निवाले का शुक्र अदा करें  परिचय इस्लाम हमें हर नेमत पर अल्लाह का शुक्र अदा करना सिखाता है। खाना खाने के बाद दुआ पढ़ना रसूलुल्लाह ﷺ की सुन्नत है। इस दुआ के ज़रिए इंसान अल्लाह का शुक्र अदा करता है जिसने उसे खाना और रोज़ी अता फ़रमाई। अतिरिक्त पैराग्राफ खाना खत्म करने की दुआ केवल ज़ुबान से पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि दिल से अल्लाह का शुक्र अदा करने का तरीका भी है। जो व्यक्ति हर नेमत पर शुक्र करता है, अल्लाह उसकी नेमतों में बरकत बढ़ा देता है। इसलिए हर भोजन के बाद यह छोटी सी दुआ ज़रूर पढ़ें और अपने बच्चों को भी इसकी आदत डालें। अरबी ‎‫الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنِي هَذَا وَرَزَقَنِيهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِنِّي وَلَا قُوَّةٍ ‬‎ हिंदी उच्चारण अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अतअमनी हाज़ा, व रज़कनीहि मिन ग़ैरी हौलिन मिन्नी व ला कुव्वह। हिंदी अर्थ सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है जिसने मुझे यह खाना खिलाया और बिना मेरी किसी ताकत या शक्ति के मुझे यह रोज़ी अता फ़रमाई।  हदीस का संदर्भ रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया कि जो व्यक्ति खाना ...