संदेश

Roman Urdu Dua लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

वुज़ू से पहले और बाद की दुआ | अरबी, हिंदी उच्चारण, अर्थ, हदीस और फ़ज़ीलत

चित्र
💧 वुज़ू से पहले और बाद की दुआ 🤲 हर वुज़ू को मुकम्मल बनाएं! ✨ सुन्नत पर अमल करें, सवाब पाएं खाना खत्म करने की दुआ ✅ परिचय वुज़ू नमाज़ और कई इबादतों की तैयारी का अहम हिस्सा है। इस्लाम में वुज़ू से पहले "बिस्मिल्लाह" कहना और वुज़ू पूरा होने के बाद मस्नून दुआ पढ़ना सुन्नत है। इससे गुनाह माफ़ होते हैं, दर्जे बुलंद होते हैं और जन्नत के दरवाज़े खुलने की खुशखबरी मिलती है। ✅ अतिरिक्त पैराग्राफ जो मुसलमान हर बार वुज़ू के साथ दुआ पढ़ता है, वह अल्लाह की रहमत और बरकत का हक़दार बनता है। यह छोटी-सी सुन्नत इंसान को अल्लाह के करीब करती है और उसकी इबादत को और भी बेहतर बनाती है। ✅ अरबी वुज़ू से पहले ‎‫بِسْمِ اللَّهِ‬‎ वुज़ू के बाद ‎‫أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلٰهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ، اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِنَ التَّوَّابِينَ وَاجْعَلْنِي مِنَ الْمُتَطَهِّرِينَ ‬‎ ✅ हिंदी उच्चारण वुज़ू से पहले बिस्मिल्लाह वुज़ू के बाद अश्हदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु वह्दहू ला शरीक लहू, व अश्हदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुहू। अल्लाहुम्मजअल्नी मिन...

खाना खत्म करने की दुआ | खाना खाने के बाद की दुआ अरबी, हिंदी अर्थ, हदीस और फ़ज़ीलत

चित्र
खाना खत्म करने की दुआ अल्हम्दुलिल्लाह कहना न भूलें!  हर निवाले का शुक्र अदा करें  परिचय इस्लाम हमें हर नेमत पर अल्लाह का शुक्र अदा करना सिखाता है। खाना खाने के बाद दुआ पढ़ना रसूलुल्लाह ﷺ की सुन्नत है। इस दुआ के ज़रिए इंसान अल्लाह का शुक्र अदा करता है जिसने उसे खाना और रोज़ी अता फ़रमाई। अतिरिक्त पैराग्राफ खाना खत्म करने की दुआ केवल ज़ुबान से पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि दिल से अल्लाह का शुक्र अदा करने का तरीका भी है। जो व्यक्ति हर नेमत पर शुक्र करता है, अल्लाह उसकी नेमतों में बरकत बढ़ा देता है। इसलिए हर भोजन के बाद यह छोटी सी दुआ ज़रूर पढ़ें और अपने बच्चों को भी इसकी आदत डालें। अरबी ‎‫الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنِي هَذَا وَرَزَقَنِيهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِنِّي وَلَا قُوَّةٍ ‬‎ हिंदी उच्चारण अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अतअमनी हाज़ा, व रज़कनीहि मिन ग़ैरी हौलिन मिन्नी व ला कुव्वह। हिंदी अर्थ सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है जिसने मुझे यह खाना खिलाया और बिना मेरी किसी ताकत या शक्ति के मुझे यह रोज़ी अता फ़रमाई।  हदीस का संदर्भ रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया कि जो व्यक्ति खाना ...